ओ री दुनिया … True Colours of Life

The wonderful song describing the truth of life … by Peeyush Mishra in Film Gulal

 

 

ओ री दुनिया…


सुरमई आँखों के प्यालों की दुनिया

सतरंगी रंगों गुलालों की दुनिया..ओ दुनिया

अलसाई सेजों के फूलों की दुनिया

अंगडाई तोड़े कबूतर की दुनिया

करवट ले सोयी हकीकत की दुनिया

दीवानी होती तबीयत की दुनिया

ख्वाहिश में लिपटी ज़रुरत की दुनिया

इंसान के सपनो की नीयत की दुनिया..ओ दुनिया

ओ री दुनिया

ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है…

ममता की बिखरी कहानी की दुनिया

बहनों की सिसकी जवानी की दुनिया

आदम के हव्वा से रिश्ते की दुनिया

शायर के फीके लफ्जों की दुनिया

गालिब के, मोमिन के, ख़्वाबों की दुनिया

मजाजों के उन इन्कलाबों की दुनिया

फैज़ फिराक ओ साहिर ओ मखदूम

मीर की जौक की दागों की दुनिया

ये दुनिया अगर…

पलछिन में बातें चली जाती हैं

पलछिन में रातें चली जाती हैं

रह जाता है जो सवेरा वो ढूंढे

जलते मकान में बसेरा वो ढूंढे

जैसी बची है वैसी की वैसी बचा लो ये दुनिया

अपना समझके अपनों के जैसी उठालो ये दुनिया

छुटपुट सी बातों में जलने लगेगी संभालो ये दुनिया…

कट पिट के रातों में पलने लगेगी संभालो ये दुनिया..

ओ री दुनिया…

वो कहे हैं की दुनिया ये इतनी नहीं है

सितारों से आगे जहां और भी है

ये हम ही नहीं हैं वहाँ और भी है

हमारी हर एक बात होती वहीँ है

हमें ऐतराज़ नहीं है कहीं भी

वो आलिम हैं फाजिल हैं होंगे सही ही

मगर फलसफा ये बिगड़ जाता है

जो वो कहते हैं

आलिम ये कहता वहाँ ईश्वर है

फाजिल ये कहता वहाँ अल्लाह है

काबुर ये कहता वहाँ इसा है

मंजिल ये कहती तब इंसान से की

तुम्हारी है तुम ही सम्भालों ये दुनिया

ये बुझते हुए चंद बासी चरागों

तुम्हारे ये काले इरादों की दुनिया…

ओ री दुनिया..

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Brijesh

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