ढूँढ रहे हो तुम जिस को .. उस को बाहर मत ढूँढो …मन के अन्दर ढूँढो …प्रीतम प्यारा मिल जायेगा…

 

 

तुम बेसहरा हो तो किसी का सहारा बनो
तुम को अपने आप ही सहारा मिल जायेगा
कश्ती कोई डूबती पहुँचा दो किनारे पे
तुम को अपने आप ही किनारा मिल जायेगा
तुम बेसहारा हो तो ...

हँस कर ज़िन्दा रहना पड़ता है
अपना दुःख खुद सहना पड़ता है
रस्ता चाहे कितना लम्बा हो
दरिया को तो बहना पड़ता है
तुम हो एक अकेले तो रुक मत जाओ चल निकलो
रस्ते में कोई साथी तुम्हारा मिल जायेगा
तुम बेसहारा हो तो ...

जीवन तो एक जैसा होता है
कोई हँसता कोई रोता है
सब्र से जीना आसाँ होता है
फ़िक़्रसे जीना मुश्किल होता है
थोड़े फूल हैं काँटे हैं जो तक़दीर ने बाँटे हैं
हुम को इन में से हिस्सा हमारा मिल जायेगा
तुम बेसहारा हो तो ...





तुम बेसहारा हो तो ...

न बस्ती में न वीरानों में
न खेतों में न खलिहानों में
न मिलता है प्यार बज़ारों में
न बिकता है चैन दुकानों में
ढूँध रहे हो तुम जिस को
उस को बाहर मत ढूँढो
मन के अन्दर ढूँढो प्रीतम प्यारा मिल जायेगा
तुम बेसहारा हो तो ...

गाना / Title: तुम बेसहारा हो तो किसी का सहारा बनो – tum besahaaraa ho to kisii kaa sahaaraa bano

चित्रपट / Film: Anurodh

संगीतकार / Music Director: लक्ष्मीकांत – प्यारेलाल-(Laxmikant-Pyarelal)

गीतकार / Lyricist: आनंद बक्षी-(Anand Bakshi)

गायक / Singer(s): chorus,  Manna De

 

 

Tum Besahara Ho Toh Kisi Kaa Sahara Bano Lyrics from Anurodh


 Tum besahara ho toh kisi kaa sahara bano
 Tum ko apne aap hee sahara mil jayega
 Kashti koyi dubati pahuncha do kinare pe
 Tum ko apne aap hee kinara mil jayega
 Tum besahara ho toh.........
 
 Hans kar jinda rehna padta hai, apana dukh khud sehna padta hai
 Rasta chahe kitna lamba ho, dariya ko toh behna padta hai
 Tum ho ek akele toh ruk mat jao chal niklo
 Raste me koyi sathi tumhara mil jayega
 Tum besahara ho toh.........
 
 Jiwan toh ek jaisa hota hai, koyi hansta, koyi rota hai
 Sabrr se jina asan hota hai, fikr se jina mushkil hota hai
 Thode phul hain kante hain jo takdir ne bante hain
 Hamko iname se hissa hamara mil jayega
 Tum besahara ho toh......... - (2)
 
 Naa basti me naa virano me, naa kheto me naa khalihano me
 Naa milta hai pyar bajaro me, naa bikta hai chain dukano me
 Dhundh rahe ho tum jis ko, usako bahar mat dhundho
 Mann ke andar dhundho pritam pyara mil jayega
 Tum besahara ho toh.........

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Brijesh

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