जिंदगी ख्वाब हैं, ख्वाब में झूठ क्या, और भला सच हैं क्या, सब सच हैं !

जिंदगी ख्वाब हैं

रंगी को नारंगी कहे, बने दूध को खोया
 चलती को गाडी कहे, देख कबीरा रोया 

जिंदगी ख्वाब हैं
ख्वाब में झूठ क्या, और भला सच हैं क्या
सब सच हैं

दिल ने हम से जो कहा, हम ने वैसा ही किया
फिर कभी फुरसत से सोचेंगे, बुरा था या भला

एक कतरा मय का जब पत्थर के होठों पर पड़ा
उस के सीने में भी दिल धड़का, ये उस ने भी कहा

एक प्याली भर के मैंने गम के मारे दिल को दी 
जहर ने मारा जहर तो मुर्दे में फिर जान आ गयी


  
Zindgi Khwab Hai / 

 गीतकार : शैलेन्द्र, गायक : मुकेश, संगीतकार : सलील चौधरी, चित्रपट : जागते रहो - 1956 / Lyricist : Shailendra, Singer : Mukesh, Music Director : Saleel Chowdhury, Movie : Jagte Raho - 1956 

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Brijesh

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